देहरादून दिव्यांशु मर्डर केस, 3 अप्रैल को बड़ी संख्या में आशारोड़ी चेक पोस्ट पर जुटेंगे किसान, लंबे आंदोलन की चेतावनी

प्रेमनगर क्षेत्र में 23 मार्च को छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराना की मौत हो गई थी. इस घटना के विरोध में 3 अप्रैल को देहरादून के आशारोड़ी चेक पोस्ट पर किसान संगठनों ने बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों से किसानों के पहुंचने की संभावना है.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर किसान संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन दिव्यांशु जटराना को न्याय दिलाने के लिए किया जा रहा है और इसमें अधिक से अधिक संख्या में किसानों की भागीदारी जरूरी है. टिकैत ने किसानों से यह भी कहा कि वे अपने साथ खाने-पीने की व्यवस्था करके आएं, क्योंकि धरना कितने समय तक चलेगा, यह अभी तय नहीं है.

उन्होंने जानकारी दी कि आंदोलन के तहत किसान 3 अप्रैल को सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच भगवानपुर टोल प्लाजा के पास एकत्रित होंगे. इसके बाद बिजनौर, सहारनपुर समेत अन्य स्थानों से आए किसान एक साथ काफिले के रूप में देहरादून के लिए रवाना होंगे. किसान संगठनों ने इस दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की बात भी कही है. लेकिन बड़ी संख्या में किसानों के जुटने को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.

इधर, आंदोलन को लेकर तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. किसान संगठनों से जुड़े कई कार्यकर्ता गुरुवार को ही आशारोड़ी पहुंच गए थे. उन्होंने धरना स्थल की साफ-सफाई कर ली है और बैठने, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके साथ ही सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के जरिए किसानों से लगातार देहरादून पहुंचने की अपील की जा रही है.

बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना है, जिससे देहरादून-दिल्ली मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है. ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. चेक पोस्ट और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की संभावना है. किसान संगठनों का कहना है कि जब तक दिव्यांशु जटराना को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

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